मुंबई पुलिस ने पवई में फर्जी लीज डीड के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के विभाग प्रमुख गणेश चुक्कल को 2 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया है। गणेश चुक्कल पर हीरानंदानी ग्रुप की निदेशक अलका भाटिया उर्फ अलका हीरानंदानी के फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी करने का आरोप है। अलका हीरानंदानी अभिनेता अक्षय कुमार की बहन हैं।
पुलिस के मुताबिक गणेश चुक्कल पर पवई स्थित एडोनिया बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 3505 के लिए 30 साल की फर्जी लीज डीड तैयार करने का आरोप है। गणेश चुक्कल के खिलाफ C.R. No. 978/2022 के तहत IPC की धारा 420, 465, 467 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हीरानंदानी परिसर के डेवलपर ने गणेश चुक्कल के खिलाफ पवई पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई थी। मामले से संबंधित अदालती रिकॉर्ड में हीरानंदानी समूह से जुड़ी संपत्ति और करार को लेकर विवाद का भी उल्लेख है।
पुलिस के अनुसार, मामला पवई स्थित एडोनिया (Adonia) बिल्डिंग के एक फ्लैट से जुड़ा है। यह संपत्ति मेलरोनिया हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। अक्षय कुमार की बहन अलका भाटिया हीरानंदानी, कमल निरंजन हीरानंदानी और श्रीधर नारायण इस कंपनी के निदेशक हैं।
FIR के मुताबिक 2018 में ब्राइस इंफ्रास्ट्रक्चर के तत्कालीन निदेशक गणेश चुक्कल ने इस फ्लैट के साथ दो पार्किंग जगहें 26 महीने की अवधि के लिए किराए पर ली थीं। करार के तहत 15.30 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट और 2.55 लाख रुपये मासिक किराया तय किया गया था। किराया चुकाने में देरी होने पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज का भी प्रावधान था।
पुलिस के अनुसार, अक्टूबर 2019 से कंपनी को किराया मिलना बंद हो गया। गणेश चुक्कल ने करीब 2.67 लाख रुपये की बकाया राशि जनवरी 2020 तक चुकाने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह रकम वास्तव में कभी नहीं दी गई। इसके बाद 2020 में कंपनी ने करार रद्द कर दिया और गणेश चुक्कल को फ्लैट खाली करने के लिए कहा।
FIR के अनुसार, फ्लैट खाली करने के बजाय गणेश चुक्कल ने एक शपथपत्र पेश किया, जिसमें उन्होंने इस संपत्ति पर 30 साल का लीज एग्रीमेंट होने का दावा किया। जांच के दौरान पुलिस को इस दस्तावेज में कई अनियमितताएं मिलीं। मूल किराया करार में तीन साल की अवधि दर्ज थी, लेकिन उसमें ‘थ्री’ (तीन) शब्द को बदलकर ‘थर्टी’ (30) कर दिया गया था।
इसके अलावा, दस्तावेज पर नोटरी का सीरियल नंबर नहीं था और नोटरी की मुहर भी स्पष्ट नहीं थी। पुलिस का आरोप है कि इस करार पर मेलरोनिया हॉस्पिटैलिटी के तीनों निदेशकों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और विश्वासघात के आरोपों में मामला दर्ज किया। यह FIR 2023 में दर्ज की गई थी।
यह संपत्ति कंपनी ने NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) की प्रक्रिया के जरिए हासिल की थी। मिली जानकारी के मुताबिक, एडोनिया बिल्डिंग का यह फ्लैट मूल रूप से हीरानंदानी ग्रुप का हिस्सा था। NCLT में दिवालियापन और समाधान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2018 में यह संपत्ति मेलरोनिया हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास चली गई। यह कंपनी खाली फ्लैटों के रखरखाव और किराए के करारों के प्रबंधन का काम करती है।
खास बात यह है कि मनसे नेता गणेश चुक्कल हाल ही में पवई में जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित भव्य ‘दहीहंडी’ उत्सव को लेकर भी चर्चा में थे। इस कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के अलावा बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा समेत कई चर्चित हस्तियां शामिल हुई थीं।
